खानपान की बदलती तसवीर पाठ का प्रश्न उत्तर क्लास 7

खानपान की बदलती तसवीर पाठ के प्रश्न उत्तर / khan pan ki badalati tasvir question answer 

प्रश्न-1 खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें?

उत्तर खान-पान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का तात्पर्य है- स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों-देशों के व्यंजन-पकवान की पूरे देश में उपलब्धता। जिस प्रकार अब इडली, डोसा, साँभर आदि व्यंजन दक्षिण भारत से निकल कर देश-विदेश में फैल गए हैं, वैसे ही बर्गर, चाईनीज नूडल्स, आलू-चिप्स, ढोकला-गाठिया, बंगाली रसगुल्ले आदि अपनी सीमाओं से निकलकर अब पूरे देश में आसानी से मिल जाते हैं। आजकल प्रायः हर घर में व्यस्तताओं के चलते ‘फास्ट फूड’ का प्रचलन है। हमारे घर में भी जब-कभी आवश्यकता होती है फास्ट-फूड के रूप में हमें नूडल्स, चाऊमिन, टोस्ट आदि खाने को मिलते हैं। विशेष अवसर-आयोजन पर घरों में डोसा, छोले-भटूरे, ढोकला आदि बनाया जाता है। इससे रसोई के पारम्परिक भोजन में बदलाव के साथ साथ स्वाद परिवर्तन भी होता है।

प्रश्न 2. खानपान में बदलाव के कौन-से फायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चितित क्यों हैं ?

उत्तर खानपान में बदलाव होने से गृहिणियों- कामकाजी महिलाओं के लिए विविध व्यंजन आसानी से जल्दी बना सकना संभव हुआ है। नई-पीढ़ी को देश-विदेश के भिन्न-भिन्न सुरूचिपूर्ण व्यंजनों को जानने-बनाने का अवसर मिलता है। खानपान में आए इस बदलाव से नई संस्कृति विकसित हुई है जो राष्ट्रीय एकता के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। ‘फास्ट-फूड’ प्रचलन से अनेक लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। भारतीय लघु उद्योग के रूप में फास्ट-फूड खूब पनपा है। पाँच-सितारा होटलों तक इस ‘इन्सटैंट फूड’ या ‘फास्ट फूड’ ने अपनी धाक जमाई है।

इस ‘फास्ट फूड’ की चकाचौंध में कई स्थानीय व्यंजनों-पकवानों की चमक धूमिल होती जा रही है। फास्ट-फूड स्वादिष्ट भले ही लगें, पर पौष्टिक नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए पूड़ी, कचौड़ी, जलेबी, मौसमी सब्जियों से बने समोसे आज बाजार में यदा-कदा ही दिखाई देते हैं। इससे स्थानीय व्यंजनों की दुर्दशा हुई लेखक इसीलिए खानपान के इस बदलाव को लेकर चिंतित है।

प्रश्न 3. खान-पान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?

उत्तर – लेखक के अनुसार खान-पान के मामले में स्थानीयता का अर्थ- स्थान-विशेष से है। जैसे मथुरा के पेड़े, आगरा का पेठा, बीकानेर की भुजिया, बंगाल के रसगुल्ले-ये सभी पहले स्थान-विशेष तक ही जाने जाते थे। ये सभी अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के आधार पर प्रसिद्ध थे। परन्तु, अब इसी नाम से ये सब जगह उपलब्ध हैं। इनकी, गणवत्ता में भी काफी गिरावट आई है। यह सब अब स्थान-विशेष तक सीमित नहीं रहे हैं।

खानपान की बदलती तसवीर का निबंध से आगे

1. घर में बातचीत करके पता कीजिए कि आपके घर में क्या चीजें पकती हैं और क्या चीजें बनी-बनाई बाज़ार से आती हैं? इनमें से बाज़ार से आनेवाली कौन सी चीजें आपके माँ-पिता जी के बचपन में घर में बनती थीं?

उत्तरमैं उत्तर भारत का रहने वाला हूँ। हमारे घर में काफी चीज़ें पकती हैं। जैसे-दालें, सब्जियाँ, कड़ी, राजमा-चावल, चने-भटूरे, मांसाहारी भोजन आदि। इसके अलावा मेरी माँ पकौड़े, दही-भल्ले, इडली-साँभर, डोसा, रसम, नूडल्स, बर्गर, खीर, हलवा भी बहुत अच्छा बनाती हैं। बाज़ार से समोसे, कचौड़ी, जलेबियां, गुलाब जामुन, आइसक्रीम, काठी रोल, ढोकला आदि आता है। माँ-पिता जी कहते हैं कि पहले हम समोसे-कचौड़ियाँ, गुलाब जामुन आदि घर में बनाया करते थे।

2. यहाँ खाने, पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और इनका वर्गीकरण कीजिए
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला

उत्तर 
भोजन            कैसे पकाया        स्वाद

दाल                 उबालना             नमकीन
भात                 उबालना             मीठा/नमकीन
रोटी                 सेंकना                नमकीन/मीठा
पापड़               भूनना                 नमकीन
आलू                उबालना              नमकीन
बैगन               तलना/भूनना        कसैला

3. छौंक           चावल            कढ़ी।
इन शब्दों में क्या अंतर है? समझाइए। इन्हें बनाने के तरीके विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग हैं। पता करें कि आपके प्रांत में इन्हें कैसे बनाया जाता है।

उत्तर – 

छौंकछौंक सब्जी-दाल आदि में मसाले को तेल-घी में भूनकर लगाया जाता है। इससे पकी दाल-सब्जी में सुगंध और स्वाद की बढ़ोत्तरी होती है। प्रायः छौंक लगाने के लिए तेल/घी में अजवायन, जीरा, मिर्च, हल्दी, प्याज, लहसुन, हींग आदि को भूना जाता है। छौंक लगाकर खाद्य-वस्तु को कुछ देर के लिए ढक दिया जाता है, ताकि छौंक की खुशबू न उड़ जाए। चावलचावलों को विभिन्न प्रांतों में भिन्न-भिन्न तरीके से बनाया-पकाया जाता है। चावल-दूध की खीर तो लगभग सभी प्रांतों में समान रूप में बनाई जाती है। कुछ दाल-चावल खाते हैं। कुछ दाल में चावल डालकर खिचड़ी बनाते हैं। कुछ भुने चावलों के मुरमुरे खाते हैं।

कढ़ीकढ़ी प्रायः कच्ची लस्सी (मट्ठा) में बेसन डालकर बनाई जाती है। यह उत्तरी भारत के हर प्रदेश में आम प्रचलन में है। यह भी स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य वस्तु है।

4. पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुई तस्वीर का खाका खींचे तो इस प्रकार होगा

सन साठ का दशक- छोले-भटूरे
सन सत्तर का दशक- इडली, डोसा
सन अस्सी का दशक- तिब्बती (चीनी) भोजन
सन नब्बे का दशक- पीजा, पाव-भाजी

इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तसवीर का खाका खींचिए।

उत्तर
सन साठ का दशक- महिला वर्ग- लहँगा -चोली  पुरुष वर्ग  कुर्ता-पायजामा
सन सत्तर का दशक- महिला वर्ग फ्राक,  पुरुष वर्ग कोट पैंट
सन अस्सी का दशक- महिला वर्ग  जींस-टाप  पुरुष वर्ग  जींस-टीशर्ट 
सन नब्बे का दशक- महिला वर्ग  स्कर्ट, पजामी पुरुष वर्ग पठानी शूट शेरवानी

5. मान लीजिए कि आपके घर कोई मेहमान आ रहे हैं जो आपके प्रांत का पारंपरिक भोजन करना चाहते हैं। उन्हें खिलाने के लिए घर के लोगों की मदद से एक व्यंजन-सूची (मेन्यू) बनाइए।

उत्तरपंजाब प्रांत की (मेन्यू) व्यंजन सूची
*पानी व फल
*चाय/कॉफी के साथ नमकीन एवं मीठा।
*साग, मक्का की रोटी, पकौड़ी का रायता, मक्खन, अचार व लस्सी*शाम को चाय/कॉफी के साथ समोसा/कचौड़ी की बर्फी।

खानपान की बदलती तसवीर का अनुमान और कल्पना

1. ‘फास्ट फूड’ यानी तुरंत भोजन के नफ़े-नुकसान पर कक्षा में वाद-विवाद करें

विद्यार्थी स्वयं करें

2. हर शहर, कस्बे में कुछ ऐसी जगहें होती हैं जो अपने किसी खास व्यंजन केलिए जानी जाती हैं। आप अपने शहर, कस्बे का नक्शा बनाकर उसमें ऐसी सभी जगहों को दर्शाइए।

उत्तर 
*दिल्ली के चाँदनी चौक का फेमस खाना  परांठे, फालूदा कुल्फी

*दिल्ली के पहाडगंज का फेमस खाना  छोले-भटूरे 
*हरियाणा के मूरथल का फेमस खाना  आलू के पराठे 
*महाराष्ट्र के मुंबई का फेमस खाना   वैज-पाव भाजी 
*महाराष्ट्र के पूना का फेमस खाना   वड़ा-पाव बिरयानी, 
*आंध्र प्रदेश के  हैदराबाद का फेमस खाना  सेवइयों का मीठा
*पश्चिम बंगाल के कोलकाता का फेमस खाना   संदेश, रसगुल्ला, मिष्ठी दोही
*तमिलनाडु  के चेन्नई का फेमस खाना   इडली-डोसा, सांभर
*राजस्थान के  जयपुर का  फेमस खाना   दाल-बाटी 
*गुजरात के गांधी नगर का फेमस खाना   ढोकला, खांडवी, थेपला

3. खानपान के मामले में शुद्धता का मसला काफी पुराना है। आपने अपने अनुभव में इस तरह की मिलावट को देखा है? किसी फिल्म या अखबारी खबर के हवाले से खानपान में होनेवाली मिलावट के नुकसानों की चर्चा कीजिए।

उत्तर – खान-पान की शुद्धता अति आवश्यक है। मिलावटी खाद्य-पदार्थ ! :जानलेवा होते हैं। ब्याह के मौके पर भोज के दौरान प्रायः मिलावटी व अशुद्ध भोजन खाने से बिमार हुए लोगो की अनेक घटनाएं आज पढ़ने को मिलती हैं। अशुद्ध व बासी भोजन से ‘फूड-पॉइजनिंग’ हो जाती है। इससे न केवल आदमी का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, अपितु अनेक लोग काल का ग्रास बन जाते हैं। ऐसा मिलावटी भोजन खाने से होता है।

खानपान की बदलती तसवीर का भाषा की बात

1. खानपान शब्द, खान और पान दो शब्दों को जोड़कर बना है। खानपान शब्द में और छिपा हुआ है। जिन शब्दों के योग में और अथवा, या जैसे योजक शब्द छिपे हों, उन्हें द्वंद्व समास कहते हैं। नीचे द्वंद्व समास के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। इनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए और अर्थ समझिए
सीना-पिरोना, भला-बुरा, चलना-फिरना,
लंबा-चौड़ा, कहा-सुनी, घास-फूस

उत्तर

सीना-पिरोना शब्द से बनने वाले वाक्य – भारतीय समाज में प्रायः हर लड़की को विवाह से पूर्व सीना-पिरोना सिखाया जाता था।
भला-बुरा शब्द से बनने वाले वाक्य – किसी बच्चे को अपनाने से पहले आदमी को अपना भला-बुरा सोच लेना चाहिए। 

चलना-फिरना शब्द से बनने वाले वाक्य– किसी भी समाज के लोगों में चलने-फिरने से उनके गुण-दोषों का पता चल जाता है। 
लंबा-चौड़ा शब्द से बनने वाले वाक्य हमारे घर का लंबा-चौड़ा आँगन छोटे बच्चों को खेलने के लिए पर्याप्त है। 
कहा-सुनी शब्द से बनने वाले वाक्यरमेश की सुरेश से किसी बात को लेकर आपसी कहा-सुनी हो गई। 
घास-फूस शब्द से बनने वाले वाक्य-कंक्रीट के नगर बसने से पहले मनुष्य घास-फूस के मकानों में रहता था।

2. कई बार एक शब्द सुनने या पढ़ने पर कोई और शब्द याद आ जाता है। आइए शब्दों की ऐसी कड़ी बनाएँ। नीचे शुरुआत की गई है। उसे आप आगे बढ़ाइए। कक्षा में मौखिक सामूहिक गतिविधि के रूप में भी इसे दिया जा सकता है
इडली दक्षिण – केरल – ओणम् – त्योहार – छुट्टी – आराम…

उत्तर– आराम- कुर्सी, जय हिंद- नेताजी सुभाष चंद्र बोस, ढोकला- गुजरात, पेड़ा- मथुरा, पेठा- आगरा, संतरा- नागपुर, ताज महल- आगरा, रात- नींद, लाल किला- दिल्ली

खानपान की बदलती तसवीर का सारांश
कक्षा 7 हिन्दी (संपूर्ण हल)
कक्षा 7 हिन्दी (quiz/mcq)

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